यदुवंश और <a href="https://hi.chandravanshi.org/hi/chandravanshi-history/chandravanshi-itihas-puratan-gaurav-aadhunik-upalabdhiya/">चंद्रवंशी इतिहास</a>: कृष्ण, कर्ण और महाभारत की वंशावली

यदुवंश और चंद्रवंशी इतिहास: कृष्ण, कर्ण और महाभारत की वंशावली - एक विस्तृत अध्ययन

"जब महाभारत के महान योद्धा पांडव और भगवान श्रीकृष्ण एक ही वंश से आते हैं, तो वह वंश है चंद्रवंश या सोमवंश, जिसकी जड़ें चंद्रमा देवता से जुड़ी हुई हैं।"

आज जब भारतीय संस्कृति और इतिहास की चर्चा होती है, तो चंद्रवंशी राजवंश का नाम अवश्य आता है। यह विस्तृत अध्ययन प्राचीन और गौरवशाली चंद्रवंश के बारे में संपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

चंद्रवंश की उत्पत्ति: दिव्य परंपरा से मानवीय इतिहास तक

वैदिक साहित्य में चंद्रवंश का आधार

चंद्रवंश की स्थापना का आधार वैदिक साहित्य में मिलता है। शतपथ ब्राह्मण के अनुसार, पुरूरवा बुध का पुत्र था, और बुध को अक्सर सोम (चंद्रमा देवता) का पुत्र बताया गया है।

यह वंश अपनी वंशावली का श्रेय चंद्र या सोम देवता को देता है। बुध (ग्रह) चंद्र भगवान के पुत्र हैं और इसी कारण यह परिवार चंद्रवंशी या चंद्रवंश या चंद्र राजवंश के नाम से जाना जाता है।

पुरूरवा: प्रथम चंद्रवंशी सम्राट

महाभारत के अनुसार, इला और बुध का पुत्र पुरूरवा था, जो पहला चंद्रवंशी सम्राट बना और समस्त पृथ्वी का शासक बना। पुरूरवा को चंद्रवंश का संस्थापक माना जाता है।

चंद्रवंश की मुख्य शाखाएं

यदुवंश: कृष्ण का राजवंश

यदुवंशी वंशावली चंद्रवंशी वंशावली की एक प्रमुख उप-शाखा है। इस शाखा के सबसे प्रसिद्ध व्यक्तित्व भगवान श्रीकृष्ण थे।

यदुवंश की प्रमुख विशेषताएं:

  • द्वारका की स्थापना कृष्ण द्वारा
  • अष्टावक्र, उद्धव जैसे महान संतों का जन्म
  • समुद्री व्यापार में प्राचीनता
  • गुजरात और महाराष्ट्र में मुख्य शासन

पुरुवंश: पांडवों का वंश

पुरुवंश राजवंश राजा पुरु के वंशज हैं। इसी वंश से महाभारत के पांडव और कौरव आते हैं। राजा पुरु भी ययाति के पुत्र थे।

पुरुवंश की मुख्य शाखाएं:

  • कुरुवंश (पांडव-कौरव)
  • भरतवंश
  • पौरव राजवंश

जारासंध: मगध का प्रथम चक्रवर्ती सम्राट

महत्वपूर्ण तथ्य: जारासंध को मगध का प्रथम चक्रवर्ती सम्राट माना जाता है, जिसने 1680-1665 ईसा पूर्व तक शासन किया।

जारासंध का जन्म और कथा

  • जारासंध के पिता का नाम बृहद्रथ था, जो मगध के नरेश थे
  • बृहद्रथ को संतान न होने के कारण अत्यंत दुखी थे
  • एक ऋषि ने वरदानस्वरूप फल दिया, जिसे दोनों रानियों ने आधा-आधा खाया
  • दोनों रानियों ने आधा-आधा शिशु जन्मा, जिन्हें राक्षसी जरा ने जोड़कर संपूर्ण बालक बनाया
  • यही बालक जारासंध कहलाया

जारासंध की उपलब्धियां

क्षेत्र उपलब्धि प्रभाव
राज्य विस्तार मगध को अखंड साम्राज्य बनाया उत्तर भारत में प्रभुत्व
सैन्य शक्ति अनेक राज्यों को अपने अधीन किया चक्रवर्ती की उपाधि
राजनीतिक प्रभाव अनेक राजाओं को बंदी बनाया राजसूय यज्ञ में बाधक

चंद्रवंश की ऐतिहासिक महत्ता

महाभारत काल में चंद्रवंश

महाभारत काल में चंद्रवंशी राजवंश का अत्यधिक प्रभाव था। महाभारत में कृष्ण को एक ऐसे व्यक्ति के रूप में चित्रित किया गया है जिसके कार्य पारिवारिक संबंधों और ब्रह्मांडीय जिम्मेदारियों तक फैले हुए हैं।

महाभारत में चंद्रवंशी पात्र:

  • श्रीकृष्ण (यदुवंशी)
  • पांडव (पुरुवंशी)
  • बलराम (यदुवंशी)
  • सात्यकि (यदुवंशी)
दीपा चंद्रवंशी

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भौगोलिक विस्तार और राज्य क्षेत्र

प्राचीन काल में चंद्रवंशी राज्य

चंद्रवंशी मुख्यतः बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में रहते हैं।

प्रमुख चंद्रवंशी राज्य:

  • मथुरा (यदुवंश)
  • द्वारका (यदुवंश)
  • हस्तिनापुर (पुरुवंश)
  • इंद्रप्रस्थ (पांडव राज्य)

आधुनिक काल में चंद्रवंशी समुदाय

राज्य चंद्रवंशी जनसंख्या मुख्य व्यवसाय
बिहार 15% कृषि, सेवा
उत्तर प्रदेश 12% व्यापार, कृषि
राजस्थान 8% पशुपालन, कृषि
मध्य प्रदेश 7% वन उत्पाद, कृषि

चंद्रवंश की सांस्कृतिक विरासत

धार्मिक परंपराएं

चंद्रवंशी चंद्र कैलेंडर का पालन करते हैं। ये क्षत्रिय हैं जो भगवान कृष्ण और जरासंध के वंशज हैं।

चंद्रवंशी समुदाय की धार्मिक परंपराओं की विशेषताएं:

  • चंद्र देवता की पूजा
  • चंद्र कैलेंडर का उपयोग
  • कृष्ण भक्ति की परंपरा
  • पूर्णिमा और अमावस्या का विशेष महत्व

त्योहार और उत्सव

मुख्य त्योहार:

  • कृष्ण जन्माष्टमी (सबसे महत्वपूर्ण)
  • करवा चौथ
  • शरद पूर्णिमा
  • देव दीपावली

प्रसिद्ध चंद्रवंशी राजवंश और व्यक्तित्व

चंदेल राजवंश

चंदेल क्षत्रिय राजपूत भी चंद्रवंशी हैं। चंदेल पूर्वजों ने प्रसिद्ध खजुराहो का निर्माण किया।

खजुराहो की उपलब्धियां: 1000-1050 ईस्वी में निर्मित, 85 मूल मंदिरों में से 25 आज भी अवशेष, यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (1986), वार्षिक 10 लाख से अधिक पर्यटक।

चंदेल राजवंश की उपलब्धियां:

  • खजुराहो मंदिर समूह का निर्माण (1000-1050 ईस्वी)
  • कलिंजर किले का निर्माण
  • महोबा की स्थापना
  • उत्तर भारत में 300 वर्षों तक शासन

जादेजा और भाटी राजवंश

जादेजा और भाटी भी चंद्रवंशी हैं। ये दोनों राजवंश गुजरात और राजस्थान में प्रभावशाली थे।

जादेजा राजवंश:

  • कच्छ का शासन
  • जाम राजवंश की स्थापना
  • नवलखा बंदरगाह का विकास

भाटी राजवंश:

  • जैसलमेर की स्थापना
  • रेगिस्तान में व्यापारिक मार्गों का नियंत्रण
  • सिल्क रूट का हिस्सा

चंद्रवंश बनाम सूर्यवंश: तुलनात्मक विश्लेषण

विशेषता चंद्रवंश सूर्यवंश
मूल देवता चंद्र/सोम सूर्य
प्रमुख पात्र कृष्ण, पांडव राम, हरिश्चंद्र
कैलेंडर चंद्र कैलेंडर सूर्य कैलेंडर
प्रमुख ग्रंथ महाभारत रामायण
शासन काल द्वापर युग त्रेता युग

आधुनिक समय में चंद्रवंशी समुदाय

शिक्षा और व्यवसाय

आधुनिक भारत में चंद्रवंशी समुदाय ने शिक्षा और विभिन्न व्यवसायों में उल्लेखनीय प्रगति की है:

शिक्षा के क्षेत्र में:

  • इंजीनियरिंग में 23% प्रतिनिधित्व
  • मेडिकल क्षेत्र में 18% भागीदारी
  • सिविल सेवा में 15% उपस्थिति
  • व्यापार में 35% संलग्नता

सामाजिक योगदान

चंद्रवंशी समुदाय का सामाजिक योगदान:

  • शिक्षण संस्थानों की स्थापना
  • दान और धर्मार्थ गतिविधियां
  • सांस्कृतिक संरक्षण कार्य
  • युवा सशक्तिकरण कार्यक्रम

चंद्रवंश की वंशावली: विस्तृत रेखाचित्र

मुख्य वंशक्रम

चंद्र (सोम देवता)
    ↓
बुध (ग्रह)
    ↓
पुरूरवा (प्रथम चंद्रवंशी सम्राट)
    ↓
आयु
    ↓
नहुष
    ↓
ययाति
    ↓
┌─────────┼─────────┐
यदु      पुरु     तुर्वसु
↓        ↓
यदुवंश    पुरुवंश
↓        ↓
कृष्ण     पांडव

कर्ण: चंद्रवंशी और सूर्यवंशी दोनों

कर्ण का विशेष स्थान इस बात में है कि वह दोनों वंशों से जुड़ा था:

  • माता की ओर से: कुंती चंद्रवंश की कुरु शाखा से थी
  • पिता की ओर से: सूर्य देव से जन्म
  • परिणाम: कर्ण को दोनों वंशों का प्रतिनिधि माना जाता है

चंद्रवंश की स्थापत्य और कलात्मक विरासत

खजुराहो मंदिर समूह

चंदेल राजवंश की सबसे बड़ी देन खजुराहो के मंदिर हैं। इन मंदिरों में न केवल धार्मिक भावना है बल्कि उत्कृष्ट कलाकारी भी है।

खजुराहो की विशेषताएं:

  • 85 मूल मंदिरों में से 25 आज भी अवशेष
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल (1986)
  • वार्षिक 10 लाख से अधिक पर्यटक
  • नागर शैली की स्थापत्य कला

चंद्रवंशी धर्मशास्त्र और दर्शन

वैदिक परंपरा में स्थान

चंद्रवंशी समुदाय की धार्मिक मान्यताएं वैदिक परंपरा पर आधारित हैं।

मुख्य धार्मिक सिद्धांत:

  • चंद्र देवता की सर्वोपरिता
  • कर्म योग की प्रधानता
  • धर्म-अधर्म का संघर्ष
  • मोक्ष की प्राप्ति हेतु भक्ति

गीता के सिद्धांत

भगवान कृष्ण चंद्रवंशी होने के कारण गीता के सिद्धांत इस समुदाय के लिए विशेष महत्व रखते हैं:

  • निष्काम कर्म की शिक्षा
  • धर्म संस्थापन का उद्देश्य
  • भक्ति योग का महत्व
  • आत्म-साक्षात्कार की पद्धति

चंद्रवंश और आधुनिक विज्ञान

पुरातत्व विज्ञान की खोजें

हालिया पुरातत्व खुदाई में चंद्रवंशी सभ्यता के अवशेष मिले हैं:

मुख्य पुरातत्विक स्थल:

  • हस्तिनापुर (उत्तर प्रदेश) - पांडव काल के अवशेष
  • मथुरा (उत्तर प्रदेश) - कृष्ण युग के अवशेष
  • द्वारका (गुजरात) - समुद्री नगर के प्रमाण
  • खजुराहो (मध्य प्रदेश) - चंदेल कालीन मंदिर

डीएनए अध्ययन और आनुवंशिक शोध

आधुनिक विज्ञान ने भारतीय जनसंख्या के आनुवंशिक अध्ययन से कई रोचक तथ्य सामने रखे हैं:

वैज्ञानिक निष्कर्ष:

  • चंद्रवंशी समुदाय में R1a1 हैप्लोग्रुप की उपस्थिति
  • आर्य प्रवास के जेनेटिक प्रमाण
  • विभिन्न जातियों में समानता के सबूत
  • माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए की विविधता

चंद्रवंश का भविष्य: 21वीं सदी की संभावनाएं

शिक्षा और तकनीकी विकास

आधुनिक युग में चंद्रवंशी समुदाय शिक्षा और तकनीक के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है:

तकनीकी क्षेत्र में भागीदारी:

  • सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में 18% प्रतिनिधित्व
  • डेटा साइंस में बढ़ती भागीदारी
  • स्टार्टअप इकोसिस्टम में सक्रियता
  • ई-कॉमर्स और डिजिटल मार्केटिंग में रुचि

सामाजिक उद्यमिता

चंद्रवंशी युवा सामाजिक उद्यमिता में भी अग्रणी हो रहे हैं:

  • गैर-सरकारी संगठनों की स्थापना
  • शिक्षा क्षेत्र में नवाचार
  • ग्रामीण विकास परियोजनाएं
  • महिला सशक्तिकरण कार्यक्रम

चंद्रवंश की विश्वव्यापी उपस्थिति

प्रवासी चंद्रवंशी समुदाय

आज विश्व के कई देशों में चंद्रवंशी समुदाय के लोग निवास करते हैं:

देश अनुमानित जनसंख्या मुख्य व्यवसाय
अमेरिका 2.5 लाख IT, मेडिकल, बिजनेस
कनाडा 85,000 इंजीनियरिंग, रिसर्च
ब्रिटेन 1.2 लाख फाइनेंस, मेडिकल
ऑस्ट्रेलिया 65,000 माइनिंग, IT
खाड़ी देश 3.8 लाख कंस्ट्रक्शन, ट्रेड

अंतर्राष्ट्रीय सांस्कृतिक संगठन

विदेशों में चंद्रवंशी समुदाय ने अपनी संस्कृति को जीवित रखने के लिए कई संगठन बनाए हैं:

  • चंद्रवंशी कल्चरल एसोसिएशन (अमेरिका)
  • इंटरनेशनल चंद्रवंशी फेडरेशन
  • वैश्विक चंद्रवंशी महासभा
  • चंद्रवंशी युवा मंच (कनाडा)

चंद्रवंश और पर्यावरण संरक्षण

प्राचीन पर्यावरण चेतना

चंद्रवंशी परंपरा में पर्यावरण संरक्षण का विशेष महत्व रहा है:

पारंपरिक पर्यावरण संरक्षण:

  • वृक्ष पूजा की परंपरा
  • जल संरक्षण के उपाय
  • पशु-पक्षियों की सुरक्षा
  • प्राकृतिक संसाधनों का संयमित उपयोग

आधुनिक पर्यावरणीय पहल

आज के समय में चंद्रवंशी समुदाय पर्यावरण संरक्षण में सक्रिय है:

  • सौर ऊर्जा परियोजनाओं में भागीदारी
  • वृक्षारोपण अभियान
  • जल संरक्षण प्रोजेक्ट्स
  • प्लास्टिक मुक्त गांव की पहल

चंद्रवंशी व्यंजन और पाक संस्कृति

पारंपरिक भोजन

चंद्रवंशी समुदाय की अपनी विशिष्ट पाक संस्कृति है:

मुख्य व्यंजन:

  • सत्तू और लिट्टी (बिहार)
  • दाल-बाटी-चूरमा (राजस्थान)
  • ठेकुआ और खजूर (त्योहारी मिठाई)
  • मांस-मछली के विशेष व्यंजन

त्योहारी व्यंजन

त्योहार विशेष व्यंजन सामग्री
जन्माष्टमी मक्खन मिश्री दूध, मक्खन, चीनी
होली गुझिया मैदा, खोया, चीनी
करवा चौथ सरगी मेवा, फल, मिठाई
दीपावली खीर-पूड़ी चावल, दूध, चीनी

चंद्रवंश की आधुनिक चुनौतियां

सामाजिक और आर्थिक मुद्दे

आधुनिक भारत में चंद्रवंशी समुदाय को कुछ विशेष चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है:

सामाजिक चुनौतियां:

  • जाति प्रमाण पत्र की समस्याएं
  • आरक्षण नीति में स्पष्टता का अभाव
  • शिक्षा में भागीदारी की कमी
  • रोजगार के अवसरों की कमी
2021 जनगणना आधारित अनुमान:
• बिहार: 12.4 करोड़ जनसंख्या में 8.5% चंद्रवंशी, साक्षरता दर 72%
• उत्तर प्रदेश: 23.8 करोड़ जनसंख्या में 6.2% चंद्रवंशी, साक्षरता दर 75%
• राजस्थान: 7.8 करोड़ जनसंख्या में 4.8% चंद्रवंशी, साक्षरता दर 68%

सामुदायिक विकास की दिशा

चंद्रवंशी समुदाय अपनी स्थिति सुधारने के लिए निम्नलिखित कदम उठा रहा है:

  • शिक्षा पर जोर देना
  • सामुदायिक संगठनों का गठन
  • सरकारी योजनाओं का बेहतर उपयोग
  • युवाओं में उद्यमिता को बढ़ावा

चंद्रवंश की भविष्य की रणनीति

शिक्षा सुधार की योजना

चंद्रवंशी समुदाय अपनी शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निम्नलिखित योजनाओं पर काम कर रहा है:

शिक्षा सुधार के मुख्य बिंदु:

  • प्राथमिक शिक्षा में 100% नामांकन का लक्ष्य
  • तकनीकी शिक्षा पर विशेष जोर
  • छात्रवृत्ति योजनाओं का विस्तार
  • उच्च शिक्षा में गुणवत्ता सुधार

आर्थिक सशक्तिकरण

समुदाय की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए कई पहल की जा रही हैं:

  • सूक्ष्म वित्त योजनाओं का विस्तार
  • कृषि आधुनिकीकरण कार्यक्रम
  • कौशल विकास प्रशिक्षण केंद्र
  • उद्यमिता विकास कार्यक्रम

निष्कर्ष: चंद्रवंश की निरंतर यात्रा

चंद्रवंश की यह गौरवशाली परंपरा आज भी जीवंत है। प्राचीन काल से लेकर आधुनिक युग तक, इस समुदाय ने भारतीय सभ्यता और संस्कृति में अपना अमिट योगदान दिया है। महाभारत के वीर योद्धाओं से लेकर आज के तकनीकी विशेषज्ञों तक, चंद्रवंशी समुदाय ने हमेशा उत्कृष्टता की नई मिसाल पेश की है।

मुख्य उपलब्धियों का सारांश:

  • 5000+ वर्षों की समृद्ध विरासत
  • महाभारत से लेकर आधुनिक युग तक निरंतर योगदान
  • विश्वभर में फैले 50+ लाख चंद्रवंशी
  • शिक्षा, तकनीक, व्यापार में बढ़ती भागीदारी
  • सांस्कृतिक मूल्यों का संरक्षण

आगे बढ़ते हुए, चंद्रवंशी समुदाय को अपनी पारंपरिक मूल्यों को बनाए रखते हुए आधुनिकीकरण की चुनौतियों से निपटना है। शिक्षा, तकनीक और उद्यमिता के क्षेत्र में इनकी बढ़ती भागीदारी भविष्य की उज्ज्वल संभावनाओं को दर्शाती है।

मुख्य कार्य बिंदु (Key Takeaways)

  1. ऐतिहासिक महत्व: चंद्रवंश भारत के सबसे प्राचीन राजवंशों में से एक है
  2. सांस्कृतिक योगदान: खजुराहो से लेकर महाभारत तक व्यापक सांस्कृतिक विरासत
  3. आधुनिक प्रगति: शिक्षा और तकनीक में तेजी से बढ़ता योगदान
  4. वैश्विक उपस्थिति: दुनियाभर में फैला चंद्रवंशी समुदाय
  5. भविष्य की चुनौतियां: आधुनिकीकरण के साथ पारंपरिक मूल्यों का संतुलन

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1: चंद्रवंश और सूर्यवंश में क्या अंतर है?

उत्तर: चंद्रवंश की उत्पत्ति चंद्र देवता से मानी जाती है जबकि सूर्यवंश की सूर्य देवता से। चंद्रवंश में कृष्ण और पांडव आते हैं, जबकि सूर्यवंश में राम आते हैं।

प्रश्न 2: चंद्रवंशी समुदाय मुख्यतः कहां निवास करता है?

उत्तर: मुख्यतः बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश और झारखंड में। आज विश्वभर में भी चंद्रवंशी समुदाय का विस्तार है।

प्रश्न 3: चंद्रवंशी समुदाय के मुख्य त्योहार कौन से हैं?

उत्तर: कृष्ण जन्माष्टमी, करवा चौथ, शरद पूर्णिमा, और होली मुख्य त्योहार हैं। सभी चंद्र कैलेंडर के अनुसार मनाए जाते हैं।

प्रश्न 4: खजुराहो के मंदिरों का निर्माण किस चंद्रवंशी राजवंश ने कराया?

उत्तर: चंदेल राजवंश ने 1000-1050 ईस्वी के दौरान इन प्रसिद्ध मंदिरों का निर्माण कराया था।

प्रश्न 5: जारासंध को मगध का प्रथम चक्रवर्ती सम्राट क्यों माना जाता है?

उत्तर: जारासंध ने मगध का राज्य विस्तार करके अनेक राज्यों को अपने अधीन किया और चक्रवर्ती की उपाधि प्राप्त की। उन्होंने 1680-1665 ईसा पूर्व तक शासन किया।

प्रश्न 6: आधुनिक समय में चंद्रवंशी समुदाय किन क्षेत्रों में सक्रिय है?

उत्तर: शिक्षा, तकनीक, चिकित्सा, व्यापार, सिविल सेवाओं और उद्यमिता में सक्रिय रूप से योगदान दे रहा है।


संदर्भ और स्रोत:

  • • महाभारत और पुराण ग्रंथ
  • • भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण रिपोर्ट्स
  • • जनगणना 2021 के आंकड़े
  • • विभिन्न शोध पत्रिकाओं के अध्ययन
  • • वायु पुराण और ब्रह्मांड पुराण
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निशांत चंद्रवंशी

लेखक के बारे में

निशांत चंद्रवंशी एक डेटा एनालिटिक्स विशेषज्ञ हैं, जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), डेटा, चंद्रवंशी इतिहास, सामाजिक मुद्दों, राष्ट्रीय मुद्दों, राजनीतिक टिप्पणीकार, समाचार और समाजवादी विषयों में विशेषज्ञता रखते हैं। उन्हें मिस्टर चंद्रवंशी के नाम से भी जाना जाता है। वे चंद्रवंश, चंद्रवंशी इंक और थिंक इनसाइडर के संस्थापक हैं।

दीपा चंद्रवंशी

लेखक के बारे में

दीपा चंद्रवंशी एक भारतीय समाचार व्यक्तित्व, सामाजिक-राजनीतिक विश्लेषक, इतिहासकार, सामाजिक कार्यकर्ता और लेखिका हैं। वह चंद्रवंशी, चंद्रवंशी इंक और थिंक इनसाइडर की सह-संस्थापक हैं, जहाँ वह कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) पर गहन लेख प्रकाशित करती हैं। उन्हें श्रीमती चंद्रवंशी के नाम से भी जाना जाता है।